सऊदी अरब के आक़ा ट्रम्प ने किया तलवार डांस,बेवकूफ बनाकर की 7 लाख करोड़ की डील,अब मुसलमानो के दुश्मन इस्राईल के पास पहुचेगा।

रियाद.  मुसलमानो का दुश्मन अमरीका का प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प अपने पहले विदेश दौरे पर सऊदी अरब पहुंचा। शनिवार को सऊदी के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के साथ मुसलमानो के बीच इंतेषार डालकर बर्बाद करने के लिए 110 बिलियन डॉलर(करीब 7 लाख करोड़ रु.)की डिफेंस डील पर साइन किए। 
बता दें 9 दिन के मिडल ईस्ट(वेस्ट एशिया)और यूरोप)दौरे में ट्रम्प का पहला पड़ाव सऊदी अरब ही है। ट्रम्प ने किंग सलमान समेत सऊदी के अमीरों के साथ तलवार(सोर्ड)डांस भी किया।350 बिलियन डॉलर की डील हो सकती हैं...
 
-अमेरिकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन के मुताबिक,110 बिलियन डॉलर की डिफेंस डील के अलावा सऊदी के साथ कई अन्य समझौते भी हो सकते हैं

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इमाम मेहदी (अ. फ़.) के ज़हूर की खबर से ख़ौफ़ज़दा,सऊदी अरब 50 देशो के इस्लामिक सम्मलेन में ट्रंप को बनायेंगा आक़ा

मुसलमानों को कोसने वाले ट्रंप पहुंचे सऊदी अरब

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए सऊदी अरब को चुनकर सबको चौंका दिया है.
सीएनएन के मुताबिक ट्रंप अमरीका के पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने सऊदी अरब को अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चुना.
अब तक ज़्यादातर राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा में कनाडा और मेक्सिको जाते रहे हैं.
ट्रंप अपने चुनावी अभियान के दौरान इस्लाम पर हमलावर रहे थे. सऊदी अरब एक इस्लामिक देश है. ऐसे में आख़िर ट्रंप ने सऊदी को तरज़ीह क्यों दी?
क्या सऊदी अरब बदलाव की कगार पर है?
सऊदी अरब के ख़िलाफ़ बोलते रहे हैं ट्रंप
फ़रवरी 2016 में ट्

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हसन रूहानी दूसरी बार ईरान के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं.

सरकारी टेलीविजन ने उन्हें दूसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी है.
चुनाव समिति के प्रमुख अली असग़र अहमदी ने सरकारी टेलीविजन पर बताया कि मतगणना पूरी गई है और हसन रूहानी को लगभग चार करोड़ वोट मिले हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उनके विरोधी उम्मीदवार एक करोड़ 15 लाख वोट मिले हैंउनके 'कट्टरपंथी' प्रतिद्वंद्वी इब्राहिम रईसी ने मतदान में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए शिकायत की है. उन्होंने रूहानी के समर्थकों पर वोटिंग बूथों पर सैकड़ों प्रतिबंधित तरीकों से प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया है.
ईरान में 70 फ़ीसदी मतदान दर्ज़ किया गया था. वोटरों का उत्साह को देखते हुए वोट देने का समय 5 घंटे आ

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ईरान का रुझान एक बार फिर नरमपंथी रूहानी की ओर

ईरान चुनाव के शुरुआती रुझानों में 'नरमपंथी' हसन रूहानी अपना दूसरा कार्यकाल हासिल करने की बढ़ रहे हैं.
उनके 'कट्टरपंथी' प्रतिद्वंद्वी इब्राहिम रईसी ने मतदान में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए शिकायत की है. उन्होंने रूहानी के समर्थकों पर वोटिंग बूथों पर सैकड़ों प्रतिबंधित तरीकों से प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया है.
ईरान में 70 फ़ीसदी मतदान दर्ज़ किया गया था. वोटरों का उत्साह को देखते हुए वोट देने का समय 5 घंटे आगे बढ़ाना पड़ा था.
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि मतदान की अवधि 'अनुरोध' और 'उत्साही मतदाताओं की भागेदारी' को देखते हुए बढ़ाई गई.
68 साल के हसन रूहानी सुधार और परिवर्तन का नारा देते हुए 2013 मे

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13 महीने से फरार अय्याश शराबिओ का रहनुमा माल्या को लंदन में गिरफतार,तीन घंटे बाद ही मिली बेल

लंदन/नई दिल्ली. पिछले साल मार्च में भारत से भागे विजय माल्या (61) को मंगलवार सुबह स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। वे खुद सेंट्रल लंदन पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। भारत ने बैंकों के 9 हजार करोड़ के कर्जदार माल्या को लौटाने की यूके से बीते फरवरी में गुजारिश की थी। इसी के दो महीने बाद यह कार्रवाई हुई। एक्स्ट्राडीशन वॉरंट पर अरेस्ट माल्या को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद ही उन्हें बेल भी मिल गई। माल्या ने बेल मिलने के बाद ट्वीट किया, ''हमेशा की तरह मीडिया ने हाइप क्रिएट किया। आज एक्स्ट्राडीशन हियरिंग शुरू होनी ही थी।'' बता दें कि माल्या पिछले साल 2 मार्च को &#

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रूस और ईरान ने दी अमेरिका को धमकी, साथ मिलकर देंगे मुंहतोड़ जवाब

मॉस्को/वॉशिंगटन-सीरिया में अमेरिकी हमले से बौखलाए रूस और ईरान ने अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। दोनों ही देशों ने अमेरिका को चेतावनी दे दी है कि यदि इस बार उसने सीरिया में 'लक्ष्मण रेखा' पार किया तो उसी ताकत से जवाब दिया जाएगा। राष्ट्रपति बशर-अल-असद सरकार को समर्थन दे रहे ईरान और रूस ने यह धमकी रासायनिक हमले के बाद सीरिया के शेखहुन प्रांत में शरयात एयरबेस पर अमेरिकी हमले को लेकर दी है।
ग्रुप के जॉइंट कमांड सेंटर की ओर से कहा गया, 'अमेरिका ने सीरिया में जो किया वह 'लक्ष्मण रेखा' को पार करना है। आगे से हम ऐसी किसी भी कार्रवाई और उकसावे का जवाब देंगे। अमेरिका हमारी जवाबी क्षमता को जानता है

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ट्रम्प के पागलपन से भारत को भी बड़ा नुक्सान

नई दिल्ली! अमरीका के नए सदर डोनाल्ड ट्रम्प ने कई मुल्कों के मुसलमानों के अमरीका में  दाखिले पर पाबंदी लगाई तो आरएसएस कुन्बा और हिन्दुस्तानी मीडिया का एक बड़ा तबका ऐसे खुश हो रहा था जैसे डोनाल्ड ट्रम्प ने मुसलमानों को रोक कर उन्हें अमरीका में बसने का मौका दे दिया हो। डोनाल्ड ट्रम्प के लिए बगलें बजाने वाले इन बेवकूफों ने सोचा भी नहीं था कि डोनाल्ड ट्रम्प किसी का हमदर्द नहीं है। मुसलमानों पर पाबंदी लगाने के तीन दिन के अंदर ही नए अमरीकी सदर ने अपनी नई इमीगे्रशन पालीसी पर दस्तखत कर दिए जिसके जरिए उन्होने एस-वन वीजे पर तकरीबन पाबंदी लगा दी। जिससे सबसे बड़ा नुक्सान हिन्दुस्तान को और हिन्दुस्तान की आ

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