आल इंडिया जश्ने अब्बास में वक़्फ़ मंत्री मोहसिन रज़ा का एलान,वक्फ खोरो की नहीं अब खैर,जायेंगे जेल

बाराबंकी।आल इंडिया जशने अब्बास के पन्द्रहवें दौर की महफिल में कर्बला सिविल लाइन में बोलते हुए वक्फ मंत्री मोहसिन रज़ा ने कहा वक्फ खोरो की नहीं अब खैर अब ज्यादा दिन जेल से बाहर नही रह सकेंगे उन्होंने यह भी बताया कि भू माफिया के लिए टास्क फोर बनाया गया है जिन्होंने औकाफ कब्जा किया है उन्हें लौटाना होगा। उन्होंने औकाफ के डेवलपमेन्ट की जरूरत पर जोर दिया, इमाम बाडा तकइया बेगम को अपनी सुपुर्दगी में लेने साथ उसे और डेवलप करने को कहा 
अपने सदारती तकरीर में चचा अमीर हैदर एडवोकेट ने कहा हाइवे के किनारे यह कर्बला जो दिख रही है यह भी औकाफ की जमीन पर है इसे बचाने और संवारने में रिज़वान मुस्तफा की सबसे ज्या

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वीरता और भाईचारे के प्रतीक हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम

सलाम हो अली के सुपुत्र अबल फ़ज़्लिल अब्बास पर जिन्होंने सत्य के ध्वज को ऊंचा रखने के मार्ग में अपने प्राण की आहूति दी और इतिहास में अमर हो गए।
सलाम हो उस पर जो सद्गुण व उदारता का सोता था।
वर्ष 26 हिजरी क़मरी में चार शाबान को मदीना नगर में एक ऐसे शिशु ने इस संसार में क़दम रखा जिसका भव्य जीवन व शहादत मानव इतिहास के महाकाव्य में अमर हो गया। जिस समय इस शिशु के शुभ जन्म की सूचना हज़रत अली अलैहिस्सलाम को दी गई वे तुरंत घर की ओर बढ़े और शिशु को अपनी गोद में ले लिया, चेहरे को चूमा और कानों में आत्मा को ताज़गी प्रधान करने वाली अज़ान कही तथा उसके शुभ जन्म के उपलक्ष्य में वंचितों को दान दक्षिणा दी।
पिता ने इस बच्&

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अज़मते मां फात्मा जहरा (स.अ.) पर इंटरनेशनल सेमिनार महिलाओ का सम्मान,हिजाब,तीन तलाक और वक्फों बचाने की मांग को लेकर हुई चर्चा आम

बाराबंकी। टाउन हाल नगर पालिका बाराबंकी में आज अज़मते मां फात्मा जहरा (स.अ.) पर इंटरनेशनल  सेमिनार यश भारती पुरस्कार पाए प्रोफेसर शारिब रूदौलवी की सदारत में आयोजित हुआ जिसमे वक्ताओं ने महिलाओ को सम्मान, हिजाब,तीन तलाक और वक्फों बचाने की मांग को लेकर वक्ताओं ने तकरीरे की ,इस अवसर पर ज़िले के  कोने कोने से आकर हर धर्म के लोगो ने शिरकत की. 
तिलावते कलामे पाक से कार्यक्रम की शुरुआत हुई संचालन  मौलाना सैयद मोहम्मद  रज़ा रिज़वी  इमामे जुमा, मस्जिद इमामियां  ने किया  इस कार्यक्रम में वक्ताओं का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया अवधनामा के एडिटर वक़ार रिज़वी और अमीर हैदर एडवोकेट ने खिताब किया वही मेहमाने खुसू

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देवबंद का नाम क्यों बदलना चाहते हैं भाजपा विधायक?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे अभी हाल में आए हैं और नई सरकार ने अब तक शपथ भी नहीं ली है. लेकिन विवादित बयानों का दौर शुरू हो गया है.
देवबंद सीट से चुनाव जीतने वाले भाजपा विधायक कुंवर ब्रिजेश सिंह का एक बयान काफ़ी चर्चा में है.
ब्रिजेश के हवाले से कहा जा रहा है कि वो देवबंद का नाम बदलकर देववृंद कराना चाहते हैं.
जब तहलका टुडे  ने नए भाजपा विधायक से बात की तो उन्होंने अपनी मांग दोहराई और इसकी वजह भी गिनाईं.
उन्होंने कहा, ''देवबंद का नाम वास्तव में देववृंद है और मेरे क्षेत्र की जनता ने मांग की थी कि चुने जाने के बाद क्षेत्र का नाम देववृंद करने का प्रस्ताव रखिएगा. और मैंने जनता से वादा किया था कि च

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सारे इन्सानों के साथ इन्साफ करो-मौलाना सफ़ी हैदर,सैयद शुजाअत हुसैन रिज़वी की पुण्य तिथि पर मजलिस का आयोजन

बाराबंकी। कर्बला सिविल लाइन्स में अल्हाज  सैयद  शुजाअत हुसैन रिज़वी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए उनकी पुण्य तिथि पर आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए 1200 मकतबों के बोर्ड तन्ज़ीमुल मकातिब के सिक्रेटरी मौलाना सफ़ी हैदर साहब ने कहा सारे इन्सानों के साथ इन्साफ करो। चाहे खुद को नुकसान व तकलीफ हो रही हो तब भी इन्साफ करो यही इस्लाम का पैगाम है।
 मालूम हो कि स्व0 सैय्यद शुजाअत हुसैन रिज़वी का देहान्त 23 मई 2010 को हुआ था। वह तहलका टुड़े के संस्थापक सम्पादक के साथ कर्बला सिविल लाइन्स के खादिम, अन्जुमन पैग़ामे कर्बला और अन्जुमन अब्बासिया नगराम के संरक्षक, हुसैनी मिशन , हुसैन टेकरी श

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70 किलो सोने,साढे चार टन चांदी, और 3 टन तांबे की ज़री पहुची क़ुम से सामरा

नजफ़(इराक)-ईरान के पवित्र नगर क़ुम में 70 किलोग्राम सोने से बनाई गई इमाम अली नक़ी और इमाम हसन असकरी अलैहिमुस्सलाम की पवित्र ज़री इराक़ के सामर्रा नगर पहुंच गई है।
क़ुम में बनाई गई यह पवित्र ज़री शीघ्र ही इमाम अली नक़ी और इमाम हसन असकरी अलैहिमुस्सलाम के रौज़े पर लगाई जाएगी।
70 किलोग्राम शुद्ध सोने से बनी इस ज़री में साढ़े चार टन चांदी और तीन टन तांबे का प्रयोग किया गया है।  इस ज़री को बनाने में लगभग 4 वर्ष का समय लगा है।
ज्ञात रहे कि 21 मार्च सन 2006 में दाइश के आतंकवादियों ने विस्फोट करके सामर्रा में स्थित इमाम अली नक़ी और इमाम हसन असकरी अलैहिमुस्सलाम के रौज़े को ध्वस्त कर दिया था।

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माँ हज़रत फ़ातेमा ज़हरा( स.अ.) की शहादत पर विशेष

 

आज पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम के सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा सलामुल्लाह अलैहा की शहादत की तिथि है। हज़रत फ़ातेमा सलामुल्लाह अलैहा वह हस्ती हैं जिन्होंने महानता व परिपूर्णता का मार्ग अत्यधिक उचित ढंग से तय किया और संसार वासियों के लिए मूल्यवान संस्कार छोड़े। आज उनकी शहादत की तिथि पर इस्लामी जगत और मानवता से प्रेम रखने वाले शोक मना रहे हैं हम भी इस अवसर पर हार्दिक संवेदना प्रकट करते हैं और इतिहास की इस महान महिला मार्गदशक के जीवन के कुछ क्षणों से आपको परिचित करवा रहे हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह अपने नेक दासों के मार्ग पर चलने में हमारी सहायता करे।
पैग़म्बर

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वक्फ बोर्डो में गड़बड़ियों और ज़मीनो पे कब्ज़े से केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी का मूड ख़राब,यूपी का मंत्री आज़म खान परेशान

यूपी की सियासत में वक़्फ़ ज़मीनो को लेकर नया उछाल

नई दिल्ली- वक़्फो को खुर्द बुर्द करने वालो  से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का मूड ख़राब हैं।उन्होंने कहा कि वक्फ की आधी से ज्यादा जमीनों पर वक्फ माफियाओं का कब्जा है और कुछ वक्फ बोर्डों में गंभीर गड़बड़ियों के मामले की जांच चल रही है और सरकार इन मामलों में कड़ी कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि सभी वक्फ बोर्ड एवं वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड डिजिटल हो जाए।

सूत्रो के मुताबिक मुख़्तार अब्बास नकवी के इस बयान से यूपी के वक़्फ़ मंत्री आज़म खान के चेहरे पर पसीने आ गए हैं,और वो काफी घबराये हुए  हैं।उन्होंने अपने लोगो से

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अहंकार और उससे होने वाले नुक़सान

हम जानते हैं कि ईश्वरीय दरबार से शैतान के निकाले जाने का मुख्य कारण अहंकार ही था। इब्लीस फ़रिश्तों में नहीं था किन्तु ईश्वरीय आदेश के पालन के कारण वह उस स्थान पर पहुंच गया था जो फ़रिशतों से विशेष था किन्तु उसने जो स्थान प्राप्त किया था उसे अहंकार के कारण
अहंकार उन बुराईयों में से है जो मनुष्य में पायी जाती है और इस्लाम धर्म की शिक्षाओं और इस्लामी संस्कृति में इसकी बहुत भर्त्सना की गयी है। पवित्र क़ुरआन की बहुत सी आयतों और पैग़म्बरे इस्लाम और उनके पवित्र परिजनों के बहुत से कथनों में बयान किया गया है कि यह विशेषता नैतिक आपदाओं में से है और मनुष्य के नí

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इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का फरमान दुनिया के इंसानो के नाम

रिवायत में आया है कि अहलेबैत ने फ़रमाया कि हमारी हदीसों और कथनों को सुनों और दूसरों को सुनाओ क्योंकि यह दिलों को रौशन करती हैं।

 

जैसा कि रिवायत में आया है कि अहलेबैत ने फ़रमाया कि हमारी हदीसों और कथनों को सुनों और दूसरों को सुनाओ क्योंकि यह दिलों को रौशन करती हैं।

आज जब्कि इमाम रज़ा (अ) के जन्मदिन की तारीख़ें चल रही हैं तो आइये हम और आप इमाम रज़ा (अ) के पास चलते हैं और उनके सदाचार एवं अख़लाक़ के पाठ में समिलित होते हैं, क्यों कि अगर आप आज होते तो हम लोगों से यही फ़रमाते जो आज आपकी हदीसें और कथन हमसे कह रहे हैं।

इमाम रज़ा (अ) की दस हदीसें हम आपके साम&#

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