- उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ईवीएम में पेपर ट्रैल के लिए जरूरी फंड भी जारी नहीं कर रही है।
- इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और ईसी को नोटिस जारी कर दिया। 
- पिटीशनर ने हाल ही में हुए इलेक्शंस रद्द करने की भी मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
EC से भी मिला था अपोजिशन
- इस मुद्दे पर मेन अपोजिशन पार्टीज कांग्रेस, बीएसपी, डीएमके, टीएमसी और लेफ्ट के लीडर्स ने 10 अप्रैल को ईसी से भी मिली थीं।
- उन्होंने चुनावों में आगे से ईवीएम की बजाय बैलट पेपर से वोटिंग कराने की थी।
क्या है VVPAT?
- यह वोटिंग के वक्त वोटर्स को फीडबैक देने का एक तरीका है।
- इसके तहत ईवीएम से प्रिंटर की तरह एक मशीन अटैच की जाती है। 
- वोट डालने के 10 सेकेंड बाद इसमें से एक रिसीव्ड निकलती है। जिस पर सीरियल नंबर, नाम और उस कैंडिडेट का इलेक्शन सिम्बल होता है, जिसे आपने वोट डाला है।
- यह रिसीव्ड मशीन से निकलने के बाद उसमें लगे एक बॉक्स में चली जाती है।

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EVM में पर्ची सिस्टम की मांग, SC ने केंद्र और EC को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली. वोटिंग मशीन में वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) लागू करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्शन कमीशन और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। इसका जवाब 8 मई तक देना होगा। यह नोटिस सपा के सांसद रहे अताउर रहमान और बसपा की पिटीशन पर जारी किया गया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश असेंबली इलेक्शन में भाजपा को तीन चौथाई बहुमत मिलने के बाद सपा, बसपा समेत तमाम अपोजिशन पार्टीज ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। क्या है पूरा मामला...
- बसपा और सपा समेत कई अपोजिशन पार्टीज ने कोर्ट में पिटीशन लगाकार इलेक्शन मंे वीवीपीएटी के इस्तेमाल की मांग की थी।
- अपोजिशन पार्टीज की तरफ से सीनियर एडवोकेट पी. चिदंबरम और कपिल सिब्बल ने पैरवी की।
- चिदंबरम ने 2013 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के उस ऑर्डर का हवाला दिया, जिसमें ईवीएम में पेपर ट्रेल इस्तेमाल करने को कहा गया था।
- उन्होंने कहा, "वोटर का मत रिकॉर्ड करने का पेपर ट्रैल वेरिफिकेशन के सिवाय कोई और उपाय नहीं है।"
- उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ईवीएम में पेपर ट्रैल के लिए जरूरी फंड भी जारी नहीं कर रही है।
- इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और ईसी को नोटिस जारी कर दिया। 
- पिटीशनर ने हाल ही में हुए इलेक्शंस रद्द करने की भी मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
EC से भी मिला था अपोजिशन
- इस मुद्दे पर मेन अपोजिशन पार्टीज कांग्रेस, बीएसपी, डीएमके, टीएमसी और लेफ्ट के लीडर्स ने 10 अप्रैल को ईसी से भी मिली थीं।
- उन्होंने चुनावों में आगे से ईवीएम की बजाय बैलट पेपर से वोटिंग कराने की थी।
क्या है VVPAT?
- यह वोटिंग के वक्त वोटर्स को फीडबैक देने का एक तरीका है।
- इसके तहत ईवीएम से प्रिंटर की तरह एक मशीन अटैच की जाती है। 
- वोट डालने के 10 सेकेंड बाद इसमें से एक रिसीव्ड निकलती है। जिस पर सीरियल नंबर, नाम और उस कैंडिडेट का इलेक्शन सिम्बल होता है, जिसे आपने वोट डाला है।
- यह रिसीव्ड मशीन से निकलने के बाद उसमें लगे एक बॉक्स में चली जाती है।

News Posted on: 13-04-2017
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