आज़म खान करवा रहा हैं अपने चमचे वक़्फ़ खोर वसीम रिज़वी के ज़रिए बाबरी मस्जिद का सौदा? अखाड़ा परिषद से हुई बैठक में तैयार हुआ मसविदा

ब्लैक मेलर आज़म खान और वक़्फ़ खोर वसीम को जूते की माला पहनाकर करे मुसलमान निंदा- मौलाना इंकलाबी 

रिज़वान मुस्तफा

इलाहाबाद- बाबरी मस्जिद से जिनकी सियासत में पहचान बनी,सपा के फायर ब्रांड नेता पूर्व मंत्री आज़म खान ने अपना ज़मीर ताक पर रखकर अपने चमचे शिया वक़्फ़ बोर्ड के वक़्फ़ खोर चेयरमैन के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट से बाहर बाबरी मस्जिद का सौदा सीबीआई जांच से बचने के लिए कर लिया हैं।अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अदालत के बाहर सुलह समझौते के जरिए हल निकालने के लिए आज़म  इशारे पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और वक़्फ़खोर वसीम रिज़वी के बीच सोमवार को इलाहाबाद में महत्वपूर्ण बैठक हुई.
वक़्फ़ खोर वसीम रिजवी के बाघम्बरी मठ पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शाल ओढ़ाकर और फूल मालाओं से अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने उनका स्वागत किया. महंत नरेन्द्र गिरी और वसीम रिजवी ने आज़म खान की बताई हुई तज़वीज़ पर राम मंदिर मुद्दे पर बंद कमरे में अलग से बातचीत की.
वहीं बातचीत समाप्त होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि राम मंदिर को लेकर सभी आपत्तियां दूर कर ली गई हैं. उन्होंने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का ही निर्माण होगा और मस्जिद का निर्माण अयोध्या -फैजाबाद के बाहर किसी मुस्लिम आबादी वाले इलाके में किया जायेगा.
इस पर किसी साधु सन्त को कोई एतराज नहीं होगा. उन्होंने कहा है कि बाबरी मस्जिद के नाम से देश में कोई दूसरी मस्जिद नहीं बनेगी इस पर भी सहमति बन गयी है. उन्होंने कहा है कि शिया वक्फ बोर्ड के साथ साधु सन्तों और अखाड़ा परिषद के लिखित समझौते पर मैंने हस्ताक्षर कर दिया है और 5 दिसम्बर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के पहले यह समझौता सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जायेगा. जिसके बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरु होगा.
वहीं शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वक़्फ़ खोर वसीम  ने भी कहा है कि ये तो तय है कि अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर का ही निर्माण होगा. उन्होंने कहा है कि मस्जिद निर्माण को लेकर राम मंदिर के पक्षकारों से वार्ता के बाद सहमति बन गई है कि मस्जिद का निर्माण अयोध्या के बाहर मुस्लिम आबादी में किया जायेगा.
वसीम रिजवी ने कहा है कि इस मामले में अब किसी अन्य पक्ष की मध्यस्थता की कोई आवश्यकता भी नहीं है. मंदिर मुद्दे को लेकर मंदिर निर्माण के पक्षकार और शिया वक्फ बोर्ड पूरी तरह से आपस में सहमत हो चुके हैं. उन्होंने सुन्नी वक्फ बोर्ड के दावे को गलत बताया है. वसीम रिजवी ने कहा है यह शिया मस्जिद थी और इस मामले सिर्फ शिया वक्फ बोर्ड को अधिकार है.
पुरे मामले में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड , खान की ख़ामोशी मुस्लिम जगत में चर्चा का विषय बनी हैं। 
ओलमा कौंसिल के मौलाना इफ्तिखार हुसैन इंक़लाबी का कहना हैं की जौहर यूनिवर्सिटी घोटाले में फंसे आज़म खान और शिया वक़्फ़ बोर्ड की ज़मीनो के सौदागर उनके चमचे वक़्फ़ खोर वसीम के  सर पर सीबीआई की तलवार लटक रही हैं उससे बचने के लिए ये बाबरी मस्जिद के समझौते का नाटक रचा हैं। मुस्लिम समुदाय आज़म और उनके चमचे का जूते की माला पहनाकर उनके इस कुर्त्य निंदा करेंगा।
News Posted on: 13-11-2017
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