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यज़ीदीओ की औलादो ने फिर मार डाला 40 से ज़ायदा हुसैनी शियाओ को

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी क़ाबुल में हुए आत्मघाती हमले , 40 लोग मारे गए और 30 लोग  घायल 

काबुल -ये आत्मघाती हमला एक शिया सांस्कतिक केंद्र पर हुआ है. इस हमले की अब तक किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है. तालिबान ने बयान जारी कर कहा है कि हमले के पीछे उनका हाथ नहीं है.
बीते कुछ वक्त में तथाकथित इस्लामिक स्टेट अफ़ग़ानिस्तान में शिया समुदाय से जुड़ी जगहों पर कई हमले कर चुका है. सोशल मीडिया पर धमाके के बाद लोग घटनास्थल की तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं. इन तस्वीरों में लोगों की लाशें नज़र आ रही हैं.
अफ़गानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, हमला तबायन सांस्कृतिक केंद्र पर हुआ है.''
शिया संगठन की मीडिया शाखा अफ़गान प्रेस के प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि अब तक दर्जनों लाशें बिल्डिंग से निकाली जा चुकी हैं और अधिकारियों ने दर्जनों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
हमला जिस जगह हुआ है, वहां कुछ छात्र मीडिया ग्रुप के सदस्यों के साथ एक चर्चा में हिस्सा ले रहे थे.
अक्टूबर में शिया समुदाय की एक मस्जिद पर हुए हमले में 39 लोग मारे गए थे.
काबुल. यहां के पश्चिमी इलाके में स्थित शिया कल्चरल एंड रिलीजियस ऑर्गनाइजेशन पर एक आत्मघाती हमले की खबर है। इसमें कम से कम 40 लोग मारे गए और 30 जख्मी हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी आतंकी गुट ने नहीं ली है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि इस हमले में मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हमला उस वक्त किया गया जब ऑर्गनाइजेशन के ऑफिस में मीडिया ग्रुप के मेंबर्स चर्चा कर रहे थे।
अफगानिस्तान के अफसरों के मुताबिक, मारे गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं, बच्चे और जर्नलिस्ट शामिल हैं।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
तोला न्यूज के मुताबिक, इस हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। परिवार वाले शवों के बीच में अपनों की तलाश करते रहे।
प्रेसिडेंट अशरफ गनी ने इस हमले की निंदा की है और इसे इंसानियत के खिलाफ किया गया गुनाह बताया है।
मई में हुए अटैक में मारे गए थे 90 लोग
बता दें कि इसी साल मई में काबुल स्थित इंडियन एंबेसी के पास भी ऐसा ही अटैक किया गया था, जिसमें कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई थी। 300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।
जुलाई में कार ब्लास्ट में मारे गए थे 24 लोग
गुलाई दावा खाना इलाके में 24 जुलाई को फिदायीन अटैक किया था। इसमें 24 लोगाें की मौत हो गई थी। 42 लोग जख्मी हुए थे।
हमलों में सबसे ज्यादा पिछले साल हताहत हुए
यूनाइटेड नेशंस असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अफगानिस्तान में हमलों में 3498 आम लोगों की मौत हुई थी। 7920 लोग घायल हुए। यानी 11418 लोग हताहत हुए। पिछले आठ सालों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था। 2015 की तुलना में इसमें 2% का इजाफा हुआ था।
UNAMA की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च तक अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक और आतंकी हमलों में 715 लोगों की मौत हुई थी। 1466 लोग घायल हुए थे।
अमेरिकी फौज आने के बाद बढ़ रहीं मुश्किलें
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी और विदेशी सेनाएं अफगानिस्तानी फोर्स की मदद करती रही हैं।
फिलहाल यहां 8400 अमेरिकी सैनिक और 5000 नाटो सैनिक हैं। इनका मुख्य काम सलाहकार के रूप में काम करना है।
छह साल पहले तक यहां एक लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक थे। 2011 से 2013 के बीच अमेरिकी फौज की वापसी के बाद यहां आतंकी हमलों में तेजी आई है।

News Posted on: 28-12-2017
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