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जज लोया की मौत की उच्च स्तरीय जाँच हो: राहुल गांधी,कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद डी राजा जस्टिस चेलामे

जज लोया की मौत की उच्च स्तरीय जाँच हो: राहुल गांधी,कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद डी राजा जस्टिस चेलामेश्वर के घर उनसे मुलाकात करने पहुंच
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के जजों ने जो सवाल उठाए हैं, वो बेहद गंभीर और संवेदनशील हैं और इन्हें ध्यान से देखा जाना चाहिए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मैं समझता हूं कि ये संवेदनशील और अहम मुद्दा है. जजों ने जो मुद्दे उठाए हैं वे बेहद महत्वपूर्ण हैं. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने सवाल पूछे हैं. गंभीर मामला है, इनको ध्यान से देखा जाना चाहिए. जजों ने जज लोया की मौत का मामला उठाया है, उसकी उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए."
राहुल गांधी ने कहा कि जिन नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, वो इस मुद्दे को देख रहे हैं और चाहते हैं कि इस मुद्दे पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए.
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन किया.
ये चार जज हैं- जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ़.
अपने आवास पर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के नंबर दो जस्टिस जे चेलमेश्वर ने कहा, "हम चारों इस बात पर सहमत हैं कि इस संस्थान को बचाया नहीं गया तो इस देश में या किसी भी देश में लोकतंत्र ज़िंदा नहीं रह पाएगा. स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका अच्छे लोकतंत्र की निशानी है."
"चूंकि हमारे सभी प्रयास बेकार हो गए, यहां तक कि आज सुबह भी हम चारों जाकर चीफ़ जस्टिस से मिले, उनसे आग्रह किया. लेकिन हम अपनी बात पर उन्हें सहमत नहीं करा सके. इसके बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा कि हम देश को बताएं कि न्यायपालिका की देखभाल करें.
"मैं नहीं चाहता कि 20 साल बाद इस देश का कोई बुद्धिमान व्यक्ति ये कहे कि चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ़ ने अपनी आत्मा बेच दी है."
'मजबूर होकर मीडिया में आए'
जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि वे मजबूर होकर मीडिया के सामने आए हैं.
से ये पूछने पर कि क्या आप मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाना चाहते हैं, जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि 'ये देश को तय करना है.'
इसी साल अक्तूबर में मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मिश्र की जगह लेने जा रहे जस्टिस गोगोई ने कहा, "ये देश का कर्ज़ था जो हमने चुकाया है."
यह पूछे जाने पर कि वो क्या मुद्दे थे, जिस पर चीफ़ जस्टिस से उनके मतभेद थे, जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा, "इसमें मुख्य न्यायाधीश का कुछ मामलों की सुनवाई को जजों को सौंपना भी शामिल था."
कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद डी राजा जस्टिस चेलामेश्वर के घर उनसे मुलाकात करने पहुंच गए। इस मुलाकात के बारे में जब उनसे मीडिया ने जानना चाहा तो उन्होंने कहा- चेलामेश्वर को लंबे समय से जानता हूं। जब मुझे पता चला कि उन्होंने अन्य जजों के साथ असाधारण कदम उठाया है, तो लगा कि उनसे जरूर मिलना चाहिए। मैं इसे सियासी रंग नहीं दे रहा हूं। इस बात पर सबको ध्यान देना चाहिए। यह देश के भविष्य और लोकतंत्र की बात है।
पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी चारों जजों के फैसले के साथ खड़े नजर आए। उन्होंने कहा- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाने वाले चारों जजों के साथ वह अडिग होकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जजों की आलोचना करने के बजाय लोगों को उन मुद्दों पर मंथन करना चाहिए जो उन्होंने बताए है। यशवंत सिन्हा ने ट्वीट किया- सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस निश्चित रूप से अभूतपूर्व थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब राष्ट्रीय हित का दाव होता है तब व्यापार के सामान्य नियम लागू नहीं होते हैं।

News Posted on: 12-01-2018
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